रुपये की हालत नाजुक, आई सी यू में भर्ती
रुपये के बिगड़ते स्वास्थ्य ने पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। बुधवार की रात अचानक रुपये के रक्त चाप में आये कमी ने देश की रफ़्तार कम कर दी। रक्तचाप में लगातार कमी को देखते हुए उसे यू पी ए २ के आई सी यू में भर्ती किया गया है।
अभी कुछ दिन पहले ही रुपये ने अपना ६७ वां जन्मदिवस बड़ी धूम- धाम से मनाया था। हालाँकि रुपये का स्वास्थ्य पिछले एक साल से लगातार गिर रहा था, पर बुधवार की रात स्तिथि कुछ ज्यादे ही नाजुक हो गयी। यू पी ए २ हास्पिटल में रुपये का इलाज कर रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह एवं उनके सहयोगी सर्जन पी चिदंबरम ने बताया कि हम रुपये के हालत में सुधार लाने की हर संभव कोशिश में लगे है जल्द ही रुपये का गिरता स्वास्थ्य हमारे काबू में होग। डाक्टारो ने बताया कि हम रुपये के स्वास्थ्य में बेहतर सुधर के लिए "फारेन पालिसी ब्लड" चढ़ा रहे है साथ ही "एफ ड़ी आई इंजेक्शन" भी दे रहे है , जिससे जल्द ही रुपये के स्वास्थ्य में रिकवरी होगी। आप को बता दे की डाक्टारो की एक कुशल टीम अपने सीनियर डॉक्टर एवं हॉस्पिटल की मालकिन डॉ सोनिया गाँधी के मार्ग दर्शन में रुपये का इलाज कर रहे है। यू पी ए २ हॉस्पिटल के बहार रुपये का हाल जानने के लिए लम्बी क़तर लगी है।
देश के ही एक दुसरे बड़े हॉस्पिटल 'भाजपा' का मानना है कि रुपये के गिरते स्वास्थ्य का कारण उसे भ्रष्टाचार और घूसखोरी जैसे प्रदूषित वातावरण में ले जाने से हुआ है। भाजपा हॉस्पिटल ने यू पी ए २ हॉस्पिटल पर निशाना साधते हुए कहा की वहां के के ही कई कर्मचारियों एवं बड़े डॉक्टरो ने ही ये दूषित वातावरण बनाया है , जिसके कारण रुपये का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन गिर रहा है। ऐसे में रुपये का स्वास्थ्य वहां ठीक होना पत्थर पर घास उगने जैसा है, साथ ही भाजपा हॉस्पिटल ने यूपीए २ हॉस्पिटल को अयोग्य ठहराते हुए आरोप लगाया कि वहां के डॉक्टरो को पता ही नहीं है , कि मरीज का इलाज कैसे किया जाये , भाजपा हॉस्पिटल का ये भी मानना है की रुपये की इतनी बुरी हालत नाजुक समय में एफ ड़ी आई इंजेक्शन लगाने से हुआ है। भाजपा हॉस्पिटल के सरे आरोपों को कांग्रेस ने सीरे से ख़ारिज करते हुए भाजपा को १९९१ का दौर याद करने को कहा। यूपीए २ के वरिष्ठ डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा की १९९१ में भी रुपये की हालत इसी तरह लड़खड़ाई थी जब हमने अपने सफल आपरेशन से रुपये को स्वास्थ्य किया था , और हमारे इस आपरेशन की प्रसंशा देश के ही नहीं वरन विदेशो के भी बड़े डॉक्टरो ने की थी।
खैर ये दो विरोधी हॉस्पिटलो एवं डॉक्टरो की नोक झोंक तो लगी रहेगी। आइये हम सब मिलकर भगवान् से रुपये के अच्छे स्वास्थय की कमाना करें कि जल्द ही हमारा रूपया स्वास्थय होकर एक बार फिर से दौड़े।

