मोबाइल टीवी का बढता क्रेज .....
कहते है परिवर्तन प्रकृति का नियम होता है , और बदलाव ही नयापन पन है। बदलते वक़्त के साथ लोगो के लाइफ स्टाइल पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है। हर कोई समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को आतुर रहता है। अब देखिये ना जब टीवी का आविष्कार हुआ तो लोगो को सेरियल्स देखने का सिर्फ यही एक माध्याम हुआ करता था , पर बदलते वक़्त के साथ आज लोग इसके विकल्प पर कुछ ज्यादा निर्भर हो गए है।
आज टीवी देखने के लिए हमें बड़े टीवी बॉक्स की नहीं , बल्कि एक छोटे से मोबाइल की जरुरत होती है। मोबाइल के अलावा आज हमारे पास कंप्यूटर, लैपटॉप , , टैब ऐसे कई विकल्प है जिस पर हम अपने पसंदीदा सेरिअल्स देख सकते है।
२०१० में आये स्मार्ट फोन्स ने तो मनो घर पर बैठ के टीवी देखने की परम्परा को ही बदलने लगी हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार ये पता चला है कि लोगो में मोबाइल पर टीवी देखने की क्रेज तेजी से बढ़ रहा है
स्मार्टफोन की बढ़ती ब्रिकी के बीच मोबाइल पर टीवी देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बीते साल इसके दर्शकों की संख्या में 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने अपने सालाना सर्वेक्षण एयरटेल मोबीटयूड 2013 में यह निष्कर्ष निकाला है।
इसके अनुसार बीते साल लोगों ने अपने मनपसंद टीवी शो देखने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। यही कारण है कि मनोरंजन चैनल की दर्शक संख्या खेल तथा समाचार चैनलों की तुलना में कहीं अधिक रही।
यहां जारी बयान में कंपनी ने सर्वेक्षण के हवाले से कहा है कि मोबाइल के जरिए सबसे अधिक सनी लियोनी की फोटो डाउनलोड की गईं। यह संख्या शाहरुख खान की तुलना में 300 प्रतिशत अधिक है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि सबसे लोकप्रिय हेलो ट्यून डाउनलोड में तुम ही हो (आशिकी 2) तथा सांस (जब तक है जान) छाये रहे।
इसके अनुसार मोबाइल पर टीवी देखने तथा डेटा डाउनलोड में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल है। इस दौरान स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या दोगुनी हो गई जबकि डेटा उपयोक्ताओं की संख्या 124 प्रतिशत तथा डेटा खपत २२०।
कई मायने में देखे तो मोबाइल पर टीवी देखना हमारे लिए लाभप्रद है। ये सिर्फ सुबिधाजनक ही नहीं बल्कि सस्ता भी होता है। सेट ऑफ़ बॉक्स और बाकी के अन्य खर्चो जैसे बड़े झमेले से हमें स्मार्ट फोन टीवी वाचिंग काफी दूर रखता है।
मोबाइल पर टीवी देखना ऐसे संकेत है जिससे देश की प्रगति के बारे में पता चलता है , पर जिस प्रकार से लोग टीवी देखने के मल्टिप्लाटफोर्म का सहारा ले रहे है , उससे न केवल टीवी कम्पनियो को घटा लग रहा है , बल्कि लम्बी समय से चली आ रही साथ बैठ के टीवी देखने की परम्परा भी कम हो रही है।
कहते है परिवर्तन प्रकृति का नियम होता है , और बदलाव ही नयापन पन है। बदलते वक़्त के साथ लोगो के लाइफ स्टाइल पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है। हर कोई समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को आतुर रहता है। अब देखिये ना जब टीवी का आविष्कार हुआ तो लोगो को सेरियल्स देखने का सिर्फ यही एक माध्याम हुआ करता था , पर बदलते वक़्त के साथ आज लोग इसके विकल्प पर कुछ ज्यादा निर्भर हो गए है।
आज टीवी देखने के लिए हमें बड़े टीवी बॉक्स की नहीं , बल्कि एक छोटे से मोबाइल की जरुरत होती है। मोबाइल के अलावा आज हमारे पास कंप्यूटर, लैपटॉप , , टैब ऐसे कई विकल्प है जिस पर हम अपने पसंदीदा सेरिअल्स देख सकते है।
२०१० में आये स्मार्ट फोन्स ने तो मनो घर पर बैठ के टीवी देखने की परम्परा को ही बदलने लगी हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार ये पता चला है कि लोगो में मोबाइल पर टीवी देखने की क्रेज तेजी से बढ़ रहा है
स्मार्टफोन की बढ़ती ब्रिकी के बीच मोबाइल पर टीवी देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बीते साल इसके दर्शकों की संख्या में 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने अपने सालाना सर्वेक्षण एयरटेल मोबीटयूड 2013 में यह निष्कर्ष निकाला है।
इसके अनुसार बीते साल लोगों ने अपने मनपसंद टीवी शो देखने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। यही कारण है कि मनोरंजन चैनल की दर्शक संख्या खेल तथा समाचार चैनलों की तुलना में कहीं अधिक रही।
यहां जारी बयान में कंपनी ने सर्वेक्षण के हवाले से कहा है कि मोबाइल के जरिए सबसे अधिक सनी लियोनी की फोटो डाउनलोड की गईं। यह संख्या शाहरुख खान की तुलना में 300 प्रतिशत अधिक है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि सबसे लोकप्रिय हेलो ट्यून डाउनलोड में तुम ही हो (आशिकी 2) तथा सांस (जब तक है जान) छाये रहे।
इसके अनुसार मोबाइल पर टीवी देखने तथा डेटा डाउनलोड में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल है। इस दौरान स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या दोगुनी हो गई जबकि डेटा उपयोक्ताओं की संख्या 124 प्रतिशत तथा डेटा खपत २२०।
कई मायने में देखे तो मोबाइल पर टीवी देखना हमारे लिए लाभप्रद है। ये सिर्फ सुबिधाजनक ही नहीं बल्कि सस्ता भी होता है। सेट ऑफ़ बॉक्स और बाकी के अन्य खर्चो जैसे बड़े झमेले से हमें स्मार्ट फोन टीवी वाचिंग काफी दूर रखता है।
मोबाइल पर टीवी देखना ऐसे संकेत है जिससे देश की प्रगति के बारे में पता चलता है , पर जिस प्रकार से लोग टीवी देखने के मल्टिप्लाटफोर्म का सहारा ले रहे है , उससे न केवल टीवी कम्पनियो को घटा लग रहा है , बल्कि लम्बी समय से चली आ रही साथ बैठ के टीवी देखने की परम्परा भी कम हो रही है।


No comments:
Post a Comment